मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों को प्रदान किए राष्ट्रपति पदक


भोपाल: मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल स्थित मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस की टुकड़ी की सलामी ली इस अवसर पर  आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में पुलिस,  जेल और होमगार्ड के अधिकारियों- कर्मचारियों को राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह और विशेष पुलिस महानिदेशक एसएएफ विजय यादव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने 63 विभूतियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सात पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक और 36 अधिकारियों को सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया। जेल विभाग के लिए राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त एक विशिष्ट सेवा पदक और आठ सराहनीय सेवा पदक तथा होमगार्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों को दो विशिष्ट सेवा पदक तथा सराहनीय सेवा के लिए पाँच नागरिक सुरक्षा पदक भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने एक उत्तम जीवन रक्षा पदक और तीन जीवन रक्षक पदक भी प्रदान किए। समारोह के अंत में स्पेशल ट्रास्क फोर्स और एन.सी.सी. एयर विंग को परेड़ में प्रथम आने पर सम्मानित किया गया।

म.प्र. पुलिस देश की सर्वाधिक प्रौद्योगिकी सम्पन्न पुलिस बने

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वाधिक प्रौद्योगिकी सम्पन्न और तकनीकी रूप से दक्ष पुलिस बनाने के लिये प्रयास किये जायेंगे। इसके लिये बजट की कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री निवास पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिये सम्मानित मैडल विजेता पुलिस अधिकारियों और उनके परिजनों को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की चुनौतियाँ बढ़ते जाती हैं। अब अपराध भी नये स्वरूपों में सामने आते हैं। आतंकवाद भी नये रंग रूप धरता है। एक राज्य से दूसरे राज्य और एक जिले से दूसरे जिले में अपराधों का स्वरूप बदल जाता है। इसी लिये पुलिस को भी लगातार सतर्कता और दक्षता की जरूरत है। उन्होने कहा कि पुलिस सरकार का चेहरा होती है। इसलिये समाज में रक्षा और सुरक्षा का काम करते हुए मूल्यों की भी रक्षा का काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत मूल्यों, संस्कृति और सभ्यता का देश है। अनेकता में एकता यहां की सांस्कृतिक पहचान है। पुलिस बल या अन्य कोई भी सैन्य बल हों, वे विविधता के प्रतीक हैं । एक ही उद्देश्य के लिये विभिन्न समाजों, धर्मों, सम्प्रदायों के जवान एकसूत्र में बंधकर अपना कर्तव्य निभाते हैं।कमल नाथ ने कहा कि पुलिस के सामने चुनौती है कि वह निरंतर बदलती टेक्नालॉजी को कैसे अपनाये। जब चुनौतियाँ बदलते रहती हैं, तो उनका मुकाबला करने के लिये नवीनतम टेक्नालॉजी का उपयोग भी जरूरी है। फेशियल रिकगनीशन जैसी टेक्नालॉजी को स्थापित करना जरूरी हो गया है।पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह ने उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि वीरतापूर्ण कार्य के लिये 18 पुलिस कर्मियों को क्रम से पहले पदोन्नति दी गई है। डायल 100 सेवा के माध्यम से 70 लाख लोगों को मदद मिली है। नक्सल समस्या पर नियंत्रण कर लिया गया है। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं मैडल विजेता पुलिस अधिकारी और उनके परिजन उपस्थित थे।

शौर्य स्मारक पहुँचकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शौर्य स्मारक पहुँचकर देश की रक्षा में प्राणों का बलिदान करने वाले अमर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। नाथ लाल परेड मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के पहले शौर्य स्मारक गए और उन्होंने पुष्प-चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। प्रमुख सचिव संस्कृति पंकज राग उपस्थित थे।

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