महाकवि कालिदास की रचनाओं की पाण्डुलिपियों पर फिर से रिसर्च कार्य किया जायेगा


भोपाल: संस्कृति, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा है कि महाकवि कालिदास की रचनाओं की पांडुलिपियों पर फिर से रिसर्च का कार्य कालिदास अकादमी के माध्यम से किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कवि कालिदास की स्मृति में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय कालिदास समारोह का स्वरूप आगामी वर्षों में और भव्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि एक समय में कालिदास अकादमी की प्रतिष्ठा विश्व-स्तरीय थी। इस समारोह में राष्ट्रपति स्व. शंकरदयाल शर्मा सहित अनेक विद्वानों ने शिरकत की है। हमारी सरकार की कोशिश रहेगी कि कालिदास अकादमी एवं अखिल भारतीय कालिदास समारोह का विराट स्वरूप एवं सम्मान पुन: लौटाया जायेगा। संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ उज्जैन में अखिल भारतीय कालिदास समारोह के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थीं। समारोह में सारस्वत अतिथि डॉ. वसन्त कुमार भट्ट ने सम्बोधित करते हुए कहा कि महाकवि कालिदास की समस्त कृतियां कालजयी हैं।  उन्होंने कहा कि अभिज्ञान शाकुन्तलम की प्रत्येक पांडुलिपि में नये-नये श्लोक मिलते हैं।राष्ट्रीय कालिदास सम्मान रंगमंच के प्रसिद्ध लेखक सुरेन्द्र वर्मा को दिया गया। हिन्दी नाटकों के लेखक सुरेन्द्र वर्मा को प्रशस्ति-पत्र, शाल, श्रीफल एवं कालिदास सम्मान से विभूषित किया गया।शुक्रवार को देव प्रबोधनी एकादशी के अवसर पर प्रारम्भ हुए अखिल भारतीय कालिदास समारोह में कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने कालिदास अकादमी परिसर में महाकवि कालिदास की मूर्ति पर माल्यार्पण किया तथा इसके बाद उन्होंने अकादमी में चित्रों, मूर्तियों और सिक्कों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

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