पंडित नेहरू की दूरदृष्टि और सक्षम नेतृत्व के कारण ही एक झण्डे के नीचे खड़ा है देश


भोपाल: मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि पंडित जवाहर लाल नेहरु की दूरदृष्टि और सक्षम नेतृत्व के कारण ही आज हमारा पूरा देश एक झण्डे के नीचे खड़ा है। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू की सोच के अनुरूप सरकार प्रदेश की भावी पीढ़ी को सक्षम और सफल बनाने के लिए उन्हें शिक्षित करने के साथ ही उनके व्यक्तित्व विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। श्री कमल नाथ आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में पंडित जवाहर लाल नेहरू की 130वीं जयंती पर आयोजित सेमीनार को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि पंडित नेहरू एक शिक्षित राष्ट्र के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने को लेकर काफी गंभीर थे। आजादी के बाद उनके सामने राष्ट्र निर्माण और उसकी अनेकता में एकता को मजबूत करने के साथ ही ज्ञानवान देश निर्माण की एक बहुत बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती का उन्होंने अपने सक्षम नेतृत्व, दूरदृष्टि और दृढ़ निश्चतता के साथ सामना किया। आज देश में जितनी भी नामी शिक्षण संस्थाएँ और अनुसंधान केन्द्र हैं, वे सब नेहरू जी की देन हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेहरू जी ने मजबूत भारत की नींव रखी, जो आज दुनिया के सशक्त राष्ट्रों में से एक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जातियों, धर्मों और भाषाओं के बीच नेहरू जी ने पूरे भारत को एक झंडे के नीचे लाकर खड़ा किया, जिसका लोहा आज पूरा विश्व मानता है। उन्होंने कहा कि आज देश में हमारा प्रजातंत्र मजबूत है, उसे कमजोर करने की हर कोशिश असफल हो रही है, तो इसका श्रेय पंडित नेहरु को जाता है। बाबा साहिब अंबेडकर को संविधान बनाने की जिम्मेदारी देकर उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत बनाया।मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पंडित नेहरू से बाल्यकाल में हुए सम्पर्क की यादों को साझा करते हुए कहा कि जब वे दून स्कूल में संजय गांधी के सहपाठी थे, तब पंडित नेहरू और श्रीमती इंदिरा गांधी एक साथ माह में एक बार स्कूल के नियम के अनुसार संजय गांधी और राजीव गांधी से मिलने आते थे। इस दौरान उनका सम्पर्क नेहरू जी एवं इंदिरा जी से हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दिन भर उनके साथ रहते थे लेकिन हमें कभी अहसास नहीं होता था कि हम देश के प्रधानमंत्री के साथ हैं। वे बगैर तामझाम के एक जिम्मेदार अभिभावक होने के नाते हम लोगों के साथ समय बिताते थे। हमसे शिक्षा और ज्ञान से जुड़ी बातें करते थे और सीख भी देते थे। अंत में वे यह कहकर विदा लेते थे कि मैं अगली बार आऊँगा, तो पूछँगा।सेमिनार के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पंडित जवाहर लाल नेहरू की बाल्यकाल से लेकर जीवन के अंतिम क्षणों तक के कृतित्व पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। उन्होंने नेहरू जी पर केन्द्रित स्मारिका का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने  रोशनपुरा स्थित पंडित नेहरू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। कमल नाथ इस मौके पर एकत्रित स्कूली बच्चों से भी मिले।कमल नाथ ने ‘पंडित नेहरू अमर रहे’ का नारा लगा रहे नन्हें बच्चों को गोद में लेकर दुलारा।

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