कोरोना पीड़ितों का इलाज कर रहे डाक्टर्स से दुर्व्यवहार क्षम्य नहीं

भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस कोरोना ग्रस्त लोगों का इलाज कर रहे डाक्टर्स एवं चिकित्सकीय अमले के साथ दुर्व्यवहार की घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह अक्षम्य है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए घटना में शामिल अराजक तत्वों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।चौहान ने कहा कि खुद को जोखिम में डालते हुए डाक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ अपने घर-परिवार की चिंता छोड़कर कोरोना से लड़ रहे हैं। ऐसे में किन्हीं तत्वों द्वारा उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मुख्यमंत्री चौहान ने इस घटना के परिप्रेक्ष्य में पुलिस महानिदेशक को दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे ड्यूटी पर तैनात डाक्टर्स और अन्य चिकित्सकीय स्टाफ से पूरा सहयोग करें। चौहान ने विभिन्न समुदायों के प्रमुखों एवं धर्मगुरुओं से अपील की कि वे मानव समाज को कोरोना से बचाने में अपना नेतृत्व और सहयोग प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि समाज के सभी वर्गों के सक्रिय सहयोग से हम कोरोना पर विजय प्राप्त करेंगे।

इंदौर की टाट पट्टी बाखल घटना के चार दोषियों पर लगायी रासुका

इंदौर की टाट पट्टी बाखल में की गयी घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरा छोभ जताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए थे।कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी इंदौर मनीष सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा तीन की उपधारा दो के तहत चार व्यक्तियों पर रासुका की कार्यवाही करते हुए उन्हें जेल भेजे जाने के आदेश जारी किये हैं। जिला दंडाधिकारी इंदौर ने निरूद्ध किये गए इन दोषियों को केंद्रीय जेल रीवा में रखे जाने के आदेश दिए हैं।घटना में जिनपर रासुका लगायी गई है उनके नाम मोहम्मद मुस्तफ़ा पिता हाजी मोहम्मद इस्माइल उम्र 28 साल, मोहम्मद गुलरेज पिता हाजी अब्दुल गनी उम्र 32 साल, सोयब उर्फ़ सोभी पिता मोहम्मद मुख्तियार उम्र 36 साल और मज्जू उर्फ़ मजीद पिता अब्दुल गफूर उम्र 48 साल है, यह सभी टाट पट्टी बाखल इंदौर के बाशिंदे हैं।

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