दोनों जुड़वा भाइयों की फिरौती लेने के बाद हत्या

       
   बदमाशों ने पहचान उजागर होने के डर से की मासूमों की हत्या

मध्य प्रदेश के सतना जिले में चलती स्कूल बस से अगवा किए तेल कारोबारी के जुड़वां बेटों का अपहरण करने वाले बदमाशों ने फिरौती की रकम लेने के बाद भी निर्मम हत्या कर दी है।दोनों बच्चों के शव उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मिले हैं।  सतना एसपी ने इसकी पुष्टि की है।घटना के बाद से ही शहर में तनाव का माहौल है। फिलहाल पुलिस ने मासूमों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में छह लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे है कि फिरौती देने के बाद भी आखिर क्यों वह दोनों बच्चों को बचा नही पाई। वंही इन के पिता का कहना है की इस की CBI जाँच होना चाहिए इस घटना के पूछे कुछ ओर लोगो का हाथ है इस पुरे मामले में अभी तक छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें से पांच महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के छात्र हैं। एक आरोपित शिक्षक है, जो रावत परिवार के पड़ोस में ट्यूशन पढ़ाता है। अपहरणकर्ताओं ने ब्रजेश रावत से फिरौती के 20 लाख रुपए भी लिए थे, लेकिन पहचाने जाने के डर से बच्चों की हत्या कर दी। रीवा आईजी चंचल शेखर ने बताया कि अपहरणकर्ताओं से पांच बाइक, दो बोलेरो और 17.67 लाख रुपए बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपित पेशेवर अपराधी नहीं हैं, बल्कि जल्द पैसा कमाने के लालच में शॉर्टकट अपनाने वाले संपन्न् घरों के लड़के हैं। दोनों भाइयों की तलाश में उप्र-मप्र की एसटीएफ, दोनों राज्यों की 24 संयुक्त टीमों के 500 जवान जंगल में उतरे, लेकिन वह उन्हें तलाश नहीं पाए। अपहरणकर्ताओं पर कुल 1.5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। घटना के दो दिन बाद फरियादी ब्रजेश रावत से आरोपितों ने फोन पर दो करोड़ की फिरौती मांगी थी। फोन की लोकेशन बांदा (उप्र) की मिली। आरोपितों ने राह चलते फोन मांगकर फिरौती मांगी थी। सूत्रों से पता चला है कि आरोपित जब फिरौती की राशि मांग रहे थे तो मोबाइल धारक को शंका हुई। उसने मोबाइल से अपहरणकर्ताओं की बाइक के नबंर का फोटो खींच लिया। यह बाइक नबंर यूपी 90 एल5707 था। बाइक का नंबर ट्रैस कर पुलिस आरोपित विक्रमजीत तक पहुंची और मामले का खुलासा हुआ।

हत्यारों को मिलेगी कड़ी सजा : कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चित्रकूट से अपह्त दो मासूमों की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया है। कमलनाथ ने बच्चों के पिता ब्रजेश रावत से फोन पर बात कर उन्हें सांत्वना दी। कमलनाथ ने शोक संतृप्त परिवार को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि मासूमों के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है।

एमपी था शांति का टापू: शिवराज

लगातार 15 साल तक मेहनत कर हमने मध्य प्रदेश को शांति का टापू बनाया था। लेकिन वर्तमान सरकार की परिस्थितियां देखकर यह लगने लगा है कि मप्र अब अपराधों का महाद्वीप बनकर उभर रहा है। यह चिंता की बात है। परिजन सोचने को मजबूर हो रहे हैं कि बच्चों को स्कूल भेजें या न भेजें। यह बात रीवा में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से कही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चित्रकूट पहुंचे वह पीड़ित ब्रजेश रावत के घर पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में पुलिस और सरकार दोनों की विफलता है। पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है। इस मामले की न्यायिक जांच की जाए।

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