“शुद्ध के लिए युद्ध” अभियान

भोपाल: मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश की जनता को स्वास्थ्यवर्धक मिलावट रहित खाद्य-सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार ने ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान शुरू किया है। मंत्री-मंडल की बैठक में जुलाई माह से मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए गए अभियान की विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि  सरकार मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने और विक्रय करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए संकल्पित है। इससे आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव पर रोक लगेगी और प्रदेश में लोगों को शुद्ध सामग्री उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिलावट मुक्त प्रदेश बनाने के लिए सरकार का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

 मंत्री-मंडल की बैठक में बताया गया कि मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान जिला भोपाल में 1300 किलो मावा एवं पनीर, जिला रायसेन में 64 लाख रुपए का घी, जिला इंदौर एवं जबलपुर में लगभग 6 लाख रुपए का मिलावटी पनीर, जिला उज्जैन में 1 लाख 69 हजार रुपए का नकली घी, जिला खरगोन में 1 लाख 50 हजार रुपए का नकली घी, देवास में 78 लाख रुपए का घी एवं दूध पावडर जप्ती की कार्रवाई की गई। अन्य जिलों में भी दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जप्ती की गई है।

41 एफ आई आर दर्ज : 7 के विरूद्ध रासुका

मिलावटखोरों के विरूद्ध चलाये गये अभियान में दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की गई है। भोपाल में 7, रायसेन में एक, राजगढ़ में 2, विदिशा में एक, कटनी में 2, सिवनी में 2, खरगोन और खण्डवा में एक-एक, धार में 4, ग्वालियर में 3, गुना में 2, सिंगरौली में एक, मुरैना में 12 और भिण्ड में 2 कुल 41 एफआईआर दर्ज की गई हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत रायसेन में एक, जबलपुर में एक, इंदौर में 2, खरगोन में एक, ग्वालियर में एक और उज्जैन में एक कुल 7 लोगों के विरूद्ध रासुका की कार्यवाही की गई है।

प्रशासन द्वारा फलों एवं सब्जियों को कृत्रिम रूप से नियम विरूद्ध कार्बाइड से पकाने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा निरंतर नमूना लेने एवं जप्ती की कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा फलों एवं सब्जियों को पकाने में उपयोग किए जाने वाले कार्बाइड के कुल 17 नमूने लिए गए हैं एवं 8 आरोपी खाद्य कारोबारकर्ता के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसी अनुक्रम में दुधारू पशुओं में प्रतिबंधित आक्सिटोसिन इंजेक्शन के दुरुपयोग हेतु विक्रय करने पर ग्वालियर में 2 प्रकरण औषधि निरीक्षकों द्वारा दर्ज किए गए हैं।

मध्यप्रदेश मंत्री-परिषद द्वारा इंदौर, जबलपुर, एवं ग्वालियर में 3 नवीन प्रयोगशाला स्थापित करने की अनुमति प्रदान की गई है। जिसमें इंदौर में स्थापित की जाने वाली प्रयोगशाला के लिए 1 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 विनियम 2011 में दिए गए कार्य एवं कर्त्तव्यों और खाद्य एवं औषधि प्रशासन  में मैदानी एवं लिपिकीय अमले का विस्तार कर मंत्री-परिषद द्वारा पदोन्नति एवं सीधी भर्ती के कुल 152 स्थाई पद एवं 61 आउटसोर्स के पद स्वीकृत किए गए हैं।

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