मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इंदौर में किया ध्वजारोहण


भोपाल: मुख्यमंत्री कमल नाथ ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंदौर में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। सम्पूर्ण गरिमा, हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित समारोह में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस अवसर पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा नयनाभिराम झांकियां भी निकाली गयी। समारोह में मुख्यमंत्री कमल नाथ ने प्रदेश की जनता को सम्बोधित  किया। 

17 प्लाटूनों ने प्रस्तुत की आकर्षक परेड: मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने ध्वजारोहण के बाद खुली जीप में परेड का निरीक्षण किया और परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया। परेड के दौरान सशस्त्र दलों द्वारा हर्ष फायर किये गये। समारोह में 17 दलों ने आकर्षक परेड प्रस्तुत की। इनमें एसटीएफ, आरएपीटीसी, फर्स्ट बटालियन, 15वी बटालियन, क्यूआरएफ, पुलिस बल पुरूष, पुलिस बल महिला, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, यातायात पुलिस, एनसीसी वन एमपी, एनसीसी एयर विंग, सीनियर गर्ल्स एनसीसी, जूनियर गर्ल्स एनसीसी, स्काउट गाइड गर्ल्स, स्काउट ब्वायज, एसपीसी आदि दल शामिल थे। बीएसएफ, फर्स्ट बटालियन और जिला पुलिस बल के  बैण्ड की सुमधुर धुन पर कदम से कदम मिलाकर आकर्षक मार्चपास्ट किया गया। 

देश भक्ति तथा संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम:समारोह में विद्यार्थियों तथा नव-आरक्षकों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। इनमें अहिल्या आश्रम स्कूल और खालसा महाविद्यालय के  विद्यार्थियों ने रंगारंग लोकनृत्य प्रस्तुत किये। महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ की बालिकाओं ने समूह गीत की प्रस्तुति दी। पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के नव-आरक्षकों ने रिदमिक योगा और साइलेंट ड्रिल के कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में तीन हजार से अधिक बच्चों द्वारा सामूहिक व्यायाम, पीटी का प्रदर्शन किया गया। स्कूली बच्चों ने भारत माता की जय तथा गणतंत्र दिवस अमर रहे का जयघोष किया। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

क्रांतिकारी शहीद टंट्या मामा जयंती समारोह:मुख्यमंत्री कमल नाथ ने क्रांतिकारी शहीद टंट्या मामा के जयंती समारोह में कहा कि आदिवासियों का समग्र कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश में आदिवासियों की शिक्षा, रोजगार तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनाने के लिये संकल्पबद्ध होकर कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने आदिवासियों का आव्हान किया कि वे अपनी संस्कृति की रक्षा के लिये आगे आकर कार्य करें।  मुख्यमंत्री ने शहीद टंट्या मामा की जयंती पर आदिवासी समुदाय को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आदिवासी मध्यप्रदेश की पहचान हैं। इस पहचान को हर हाल में कायम रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी नौजवानों की शिक्षा, रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। उनका भविष्य संवारा जायेगा। युवाओं की नयी सोच और नये स्वप्न को साकार किया जायेगा। आदिवासियों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिये मुखर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के कल्याण के क्षेत्र में प्रदेश में नया इतिहास बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी अपनी संस्कृति को जीवित रखे।           कार्यक्रम में आदिवासियों के जीवन के बारे में प्रकाशित रिपोर्ट, टंट्या मामा के जीवन से जुड़े पोस्टर, कैलेण्डर, पत्रिका आदि का विमोचन किया गया। सम्मेलन में पूर्व केन्द्रीय मंत्री  शरद पवार विशेष रूप से मौजूद थे। 

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