भारत की एकात्मता को दृढ़ करेगा 370 हटाने का निर्णयः शिवराजसिंह चौहान

               

 जयपुर। कश्मीर से धारा 370 समाप्त हो गई है। जनसंघ के स्थापना के समय से हमारे नेताओं ने इसका विरोध किया है। जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने ‘एक देश में दो प्रधान, दो निशान और दो विधान नहीं चलेंगे’ के मंत्र का उद्घोष करते हुए बिना परमिट के कश्मीर में प्रवेश किया और अपना बलिदान दिया। लोग यह मानने लगे थे कि 370 को कोई हटा नहीं सकता। लेकिन मुझे गर्व है कि मोदी जी और अमित शाह जी द्वारा लिए गए जम्मू-कश्मीर से 370 को हटाने के ऐतिहासिक निर्णय ने भारत की एकात्मता को मज़बूत किया है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी शिवराजसिंह चौहान ने जयपुर में सदस्यता अभियान संबंधी बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 370 हटने पर जश्न मनाने वालों को मारा-पीटा जाए, भीड़ हमला कर दे,  यह तभी संभव है जब अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा हो ।

नेहरू जी की गलती का खामियाजा भुगत रहा देश

चौहान ने कहा कि अनुच्छेद 370 लगाना पंडित नेहरू की ऐतिहासिक ग़लती थी। सब जानते हैं कि विलय के वक़्त महाराजा हरि सिंह ने ऐसी कोई माँग नहीं की थी। यह भी तथ्य है कि जब शेख़ अब्दुल्ला ने विशेष दर्जे का प्रारूप बनाने को कहा था तो डॉ. अम्बेडकर जी ने साफ़ मना कर दिया था। लेकिन नेहरू जी की रुचि के कारण आयंगर जी ने इसका ड्राफ़्ट तैयार किया। यही नहीं नेहरू जी ने एकतरफ़ा युद्ध विराम नहीं किया होता और कश्मीर के मुद्दे को यूएन में नहीं ले गए होते, तो आज पाक अधिकृत कश्मीर भी भारत का अंग होता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About admin