नि:संकोच और भयमुक्त होकर करें नागरिकों के हित में नवाचार


भोपाल: मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि नागरिकों को कारगर व्यवस्था के साथ बेहतर सेवाएं देने के लिए नि:संकोच और भयमुक्त होकर नवाचार करें। उन्होंने कहा कि सेवाओं में नई सोच, नजरिया और दृष्टिकोण दिखना चाहिए। कमल नाथ अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में नव-नियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के आधारभूत और व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में परिवर्तन हो रहा है। आज से तीस साल पहले के गाँव बदल गए हैं, वहाँ के रहवासियों की सोच में भी अंतर आ गया है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि बदली परिस्थितियों में आम नागरिकों के लिए बेहतर सेवाओं का स्वरूप क्या होगा। इसके लिये व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे एशिया में शहरीकरण बढ़ रहा है। शहरों की आबादी का बोझ वहन करने की क्षमता कम हो रही है। इसलिए हमें उप नगरीय क्षेत्रों के विकास के बारे में सोचना होगा। जब हम इस दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो इस बात का ध्यान रखें कि शहर से गाँव बाय डिफॉल्ट नहीं, बाय डिजाईन जुड़ें। उन्होंने कहा कि उप-नगरीय क्षेत्र पूरी तरह बुनियादी सुविधाओं से लैस हों ताकि लोग वहाँ रहना पसंद करें। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही हमें शहरी क्षेत्रों का नियोजन करना होगा।मुख्यमंत्री ने नवागत मुख्य नगरपालिका अधिकारियों से कहा कि वे नवाचारों, नई तकनीक और नागरिकों की आज की जरूरतों के मुताबिक बेहतर सेवाएं देने के लिए भयमुक्त होकर काम करें, तभी बेहतर परिणाम दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं प्रशिक्षण सत्र में नगरीय विकास पर एक घंटे का लेक्चर देना चाहता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी की मूल अवधारणा यह है कि हम शहरों को अत्याधुनिक स्वरूप तो दें लेकिन साथ ही नागरिकों की दैनिंदिन जीवन की कार्य प्रक्रिया में भी बदलाव लाने का प्रयास करें।

देश में नगरीय विकास के मॉडल बनें हमारे शहर: नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि नगरों का विकास इस तरह से करें कि पूरे देश में हमारे शहर नगरीय विकास के मॉडल बनें। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय अपनी सम्पत्तियों का उपयोग अतिरिक्त आय बढ़ाने में करें, जिससे शहर आत्म-निर्भर बनें सकें। सिंह ने कहा कि छिंदवाड़ा विकास मॉडल पूरे देश में जाना जाता है। इसका अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिये नवाचार करने से घबरायें नहीं।

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