खाद्यान्न वितरण व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी रखने के निर्देश


भोपाल: खाद्य एवं सहकारिता मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के खाद्य अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि लॉक डाउन में आम आदमी को खाद्यान्न वितरण व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी रखें।उन्होंने कहा कि गेहूँ उपार्जन के समय कोरोनो संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार की गाईड लाईन का पालन किया जाए। राशन दुकानों पर खाद्यान्न वितरण के समय सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दें। ग्राम कोटवारों की मदद से उपभोक्ताओं को खड़े रहने के लिये एक-एक मीटर की दूरी पर चूने से गोले की मार्किंग करवायें। दुकानों पर मास्क लगाकर आना अनिवार्य किया जाये। दुकानों पर भी मास्क वितरण की व्यवस्था कराने के प्रयास करें।मंत्री  राजपूत ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 116 लाख पात्र परिवारों को मार्च-अप्रैल-मई के खाद्यान्न का एक मुश्त वितरण कराया जा रहा है। इसमें अंत्योदय परिवारों को 35 किलो एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को 5 किलोग्राम प्रति सदस्य प्रति माह के हिसाब से एक रूपये प्रति किलोग्राम की दर से वितरण कराया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत अप्रैल, मई एवं जून में 5 किलोग्राम प्रति सदस्य प्रति माह (तीन माह) की दर से नि:शुल्क चावल अप्रैल एवं मई का वितरण कराया जा रहा है।गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन अवधि में बेघर और माइग्रेट लेबर, परिवहन रुकने से राहत केन्द्र एवं अन्य स्थानों पर रूके परिवारों को राहत देने के लिये स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फण्ड से नि:शुल्क गेहूँ-चावल का आवंटन जारी किया गया है।समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान गरीब परिवारों की आजीविका पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इनकी सहायता के लिये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत लगभग 32 लाख ऐसे हितग्राही, जिनके पास पात्रता पर्ची नहीं है, को भी खाद्यान्न का आवंटन जारी किया गया है। इन हितग्राहियों को 4 किलोग्राम गेहूँ और एक किलोग्राम चावल प्रति व्यक्ति के मान से नि:शुल्क वितरित कराया जा रहा है।

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