कटनी जिले में एक माह से घूम रहे बाघ को रेस्क्यू कर संजय टाइगर रिजर्व भेजा गया

भोपाल:क्षेत्र संचालक बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व  विंसेट रहीम के नेतृत्व में एक माह से कटनी जिले में मानव बस्तियों के पास घूम रहे बाघ को कल रेस्क्यू कर संजय टाइगर रिजर्व भेज दिया गया। लगभग दो-ढाई साल की उम्र वाला यह बाघ पूर्णत: स्वस्थ है। संजय टाइगर रिजर्व में इसे बाड़े में रखा जायेगा। इसके व्यवहार का अध्ययन करने के बाद विशेषज्ञों की सलाह पर आगे निर्णय लिया जायेगा।उल्लेखनीय है कि कटनी की झिरिया रोपनी में 1 मादा बाघ की 4 संतानों में से एक शावक वर्ष 2018 में कुएं में गिर कर घायल हो गया था, जिसे रेस्क्यू कर मुकुंदपुर ले जाया गया। शेष 3 शावकों में से वयस्क हो रहा नर बाघ अपनी मां से अलग होकर नई टेरिटरी की तलाश में घूम रहा था। इस क्रम में यह कटनी से 12 किलोमीटर तक सरसवाही पहुंच गया। दुर्घटनावश इसने एक ग्रामीण महिला को मार दिया और 2 व्यक्तियों को घायल कर दिया। इसके बाद यह मानव बस्तियों के आसपास ही प्रायः देखा जाने लगा।मानव बाघ द्वंद की संभावनाओं के कारण इसे रेस्क्यू करने का निर्णय लिया गया। सात मार्च को सुबह से बाघ की सघन तलाश जारी हुई। दोपहर क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ श्री विंसेंट रहीम की उपस्थिति में शाम 4.15 बजे बाघ को ढूंढ लिया गया और तत्काल प्रभारी सहायक वन्य जीव चिकित्सक डॉ अभय सेंगर द्वारा वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के पशु चिकित्सक डॉ हिमांशु के साथ हाथी पर जाकर बाघ को सफलतापूर्वक dart किया तथा टी पी एफ की टीम द्वारा बाघ को स्ट्रेचर पर लादकर रेस्क्यू पिंजरे में डाल दिया गया। सम्पूर्ण कार्यवाही डेढ़ घंटे में व्यवस्थित और व्यावसायिक दक्षता के साथ पूर्ण की गई। बाघ को संजय टाइगर रिजर्व हेतु रवाना किया गया।

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