आदिवासी परिवारों पर साहूकारी कर्ज मुक्ति का आयेगा अध्यादेश

भोपाल:राज्य सरकार अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी परिवारों को गैर लाइसेंसी साहूकारों के कर्ज से मुक्ति देने के लिये अध्यादेश लायेगी। इस संबंध में आज यहाँ जनाधिकार कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से  अध्यादेश के मुख्य प्रावधानों की जानकारी कलेक्टरों को दी गई। अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय परिवारों पर साहूकारी ऋण विमुक्ति अध्यादेश लाया जायेगा। इसके अनुसार 15 अगस्त 2019 तक जनजातीय बंधुओं पर साहूकारों के जितने कर्ज हैं सबसे उन्हें मुक्ति मिल जाएगी। उनकी गिरवी रखी सम्पत्ति भी उन्हें वापस मिल जाएगी। ऐसे परिवारों पर जो बकाया कर्ज है उसकी जबरन वसूली करने पर सजा और जुर्माना होगा। तीन साल की सजा होगी और एक लाख रूपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा।

सभी कलेक्टरों को निर्देश दिये गये हैं कि वे अपने जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों में ऐसे जनजातीय परिवारों और साहूकारों पर नजर रखें। कोई भी साहूकार जबर्दस्ती कर्ज वसूली न कर पाये। ऐसे गैर लाइसेंसी साहूकारों की जानकारी भी मंगाई जा रही है।

इसके अलावा मध्यप्रदेश अनुसूचित क्षेत्रों में साहूकारी विनियम 1972 में संशोधन का अध्यादेश भी राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिये भेजा जा रहा है। अनुसूचित क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने का अभियान चलाया जायेगा। जन-धन खातों में ओवरड्राफ्ट की सुविधा का लाभ उठाने के लिये प्रेरित किया जायेगा। इसके बारे में पूरी जानकारी दी जायेगी। आदिवासी परिवारों को रुपे कार्ड जारी किये जायेंगे। यदि पहले से उनके पास हैं और क्रियाशील नहीं हैं तो उन्हें क्रियाशील बनाया जायेगा।

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