आँखों की रोशनी प्रभावित होने की घटना की जाँच के लिये उच्च-स्तरीय कमेटी गठित

प्रभावित मरीजों का होगा नि:शुल्क इलाज : चैन्नई से बुलाये नेत्र सर्जन 

भोपाल : इंदौर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के बाद 11 लोगों की आंख की रोशनी जाने का मामला उजागर हुआ है। वहां से लिए गए कल्चर की प्रारंभिक जांच में स्यूडोमोनास एरूजिनोसा नामक बैक्टीरिया मिला है। वहीं, मप्र के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए हैं।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इंदौर के एक निजी अस्पताल में 10 मरीजों के आँखों के ऑपरेशन के बाद उनकी आँखों की रोशनी प्रभावित होने की घटना को अमानवीय बताया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित मरीजों के इलाज के लिये राज्य सरकार ने देश के ख्याति प्राप्त शंकर नेत्रालय के डॉ. राजू रमन को कॉल किया है। डॉ. रमन रविवार, 18 अगस्त को सुबह इंदौर पहुँच रहे हैं। मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रभावित मरीजों को इंदौर के चोइथराम नेत्रालय में शिफ्ट कर दिया गया है।मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रभावित मरीजों की आँखों का पूरा इलाज राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि घटना की जाँच के लिये उच्च-स्तरीय इन्क्वायरी कमेटी गठित की गई है। कमेटी ने जाँच का काम शुरू कर दिया है। कमेटी को यथाशीघ्र जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिये कहा गया है। सिलावट ने बताया कि कमेटी की जाँच रिपोर्ट के आधार पर दोषी चिकित्सकों एवं अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

 

 दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आँख के ऑपरेशन के बाद मरीजों की आँखों की रोशनी प्रभावित होने की घटना को अमानवीय बताया है। कमल नाथ ने कहा कि घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पूरे प्रदेश में कहीं भी इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो । मुख्यमंत्री ने सभी पीड़ितों को राज्य सरकार की ओर से सहायता दिए जाने के निर्देश दिए हैं।

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