मध्यक्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण से आदिवासी क्षेत्रों के विकास में आएगी तेजी


रायपुर :मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य और प्राधिकरण के अध्यक्ष लालजीत सिंह राठिया की अध्यक्षता में यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि पहले प्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए केवल दो बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण थे। बस्तर तथा सरगुजा विकास प्राधिकरण के सम्मिलित जिलों के अतिरिक्त शेष आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के विकास की अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक योजनाओं के निर्माण, क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सम्पूर्ण राजस्व जिला कोरबा के अतिरिक्त गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, राजनांदगांव, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, रायगढ़ तथा जांजगीर-चांपा के आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में सम्मिलित क्षेत्र शामिल है। इस प्राधिकरण के गठन से आदिवासी क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी।    बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति, वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए प्राधिकरण मद से प्राप्त बजट प्रावधान तथा नवीन प्रस्तावों की स्वीकृति आदि विषयों पर चर्चा की गई। जनजाति विकास से संबंधित नीतियों तथा प्राथमिकताओं के अनुसार क्षेत्रीय विकास के लिए उपाय और जन आकांक्षाओं के अनुरूप विकास तथा निर्माण कार्यों को शीघ्रता से स्वीकृत कर पूर्ण कराया जाना है।     इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव, स्कूल शिक्षा तथा आदिमजाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा सहित प्राधिकरण के सदस्य और मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About admin