पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव शामिल हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में

रायपुर : पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव आज केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए। तोमर देशव्यापी लॉक-डाउन के दौरान सभी प्रदेशों में हो रहे ग्रामीण विकास के कार्यों की जानकारी ले रहे थे। श्री सिंहदेव ने उन्हें छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हो रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि प्रदेश में विभिन्न मनरेगा कार्यों के तहत अभी पांच लाख 36 हजार श्रमिक काम कर रहे हैं। मनरेगा के तहत जल संरक्षण संबंधी निर्माण कार्य बड़ी संख्या में मंजूर किए जा रहे हैं। राज्य शासन की नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना के माध्यम से भी जल संरक्षण का कार्य वृहद स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्यस्थलों पर मास्क के उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, हाथ धुलाई एवं साफ-सफाई के मानकों के साथ ही कोरोना संक्रमण से बचने के उपायों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। उन्होंने सामग्री और मजदूरी मद में भारत सरकार द्वारा भुगतान के लिए लंबित राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया जिससे कि इस कठिन समय में ग्रामीण मजदूरों को और अधिक राहत प्रदान की जा सके।     सिंहदेव ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए राज्य शासन द्वारा नाबार्ड से 792 करोड़ 44 लाख रूपए का ऋण लेने की मंजूरी दी गई है। किंतु इसमें नाबार्ड द्वारा 10 फीसदी अंशदान हितग्राहियों से लेने की शर्त रख दी गई है। उन्होंने श्री तोमर से हितग्राहियों से 10 प्रतिशत अंशदान लिए जाने की शर्त हटवाने का अनुरोध किया जिससे की इस योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सकी। श्री सिंहदेव ने जानकारी दी कि बैंकिंग सेवाओं की कमी वाले क्षेत्रों में बैंक सखी के माध्यम से ग्रामीणों तक बैंकिंग सेवा पहुंचाई जा रही है। बैंक सखियों के द्वारा एक लाख 43 हजार ट्रांजैक्शन्स के माध्यम से 20 करोड़ 40 लाख रूपए गांवों में वितरित किए गए हैं।  सिंहदेव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वसहायता समूहों की महिलाएं कोविड-19 के नियंत्रण में भी सक्रियता से काम कर रही हैं। इन महिलाओं ने 13 लाख 85 हजार मास्क और दो हजार 546 लीटर सैनिटाइजर बनाकर स्थानीय लोगों को उपलब्ध कराया है। अपने परिवार का आर्थिक संबल बनने के साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों को कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए महत्वपूर्ण संसाधन मुहैया कराया है। स्वसहायता समूहों की महिलाएं लॉक-डाउन अवधि में रेडी-टू-ईट, राशन और हरी सब्जियों की आपूर्ति में भी लगी हुई हैं। वनांचलों में दो हजार 100 स्वसहायता समूहों द्वारा आठ करोड़ 24 लाख रूपए मूल्य के 31 हजार 152 क्विंटल वनोपजों की खरीदी भी की गई है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के अंतर्गत प्रदेश द्वारा एक हजार 125 करोड़ 79 लाख रूपए की कुल लागत के एक हजार 882 किमी लंबी सड़क और 12 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद प्रदेश में योजना के तहत हुए कार्यों का पालन प्रतिवेदन अपलोड होने के बाद इसकी मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सहमति के बाद इन कार्यों को 21 अप्रैल से शुरू करने की योजना है। संबंधित ठेकेदारों और ग्रामीणों की सहमति लेकर ये कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे।   

 

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