छत्तीसगढ़ के आर्थिक मॉडल की चर्चा पूरे देश में

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के 20वें स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा है कि राज्य सरकार की नीतियों से प्रदेश में उत्साह का माहौल बना है। राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसे समावेशी विकास का है, जिसमें गांव, गरीब, किसान, अनुसूचित जाति, अनूसूचित जनजाति और पिछड़े तबकों के लोगों को विकास का लाभ मिले। राज्य सरकार हर हाथ को काम देना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे देश में यह चर्चा का विषय है कि छत्तीसगढ़ देशव्यापी आर्थिक मंदी से अछूता है। छत्तीसगढ़ के आर्थिक मॉडल की चर्चा पूरे देश में है। इस उपलब्धि में राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के जन-जन की भागीदारी है। राज्य सरकार के ढाई हजार रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और कर्ज माफी का यह चमत्कार हुआ है कि खेती-किसानी छोड़ चुके डेढ़ लाख किसानों के कदम फिर अपने खेत-खलिहानों की तरफ बढ़े हैं, कृषि ऋण का आंकड़ा चार हजार करोड़ तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति 2019-24 जनता को समर्पित करते हुए नीति की पुस्तिका का विमोचन किया।  
    बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऑटो मोबाइल से लेकर कपड़ा और सराफा बाजार दीवाली पर चमके हैं। प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारी की दर कम हुई है, भूमि पंजीयन का राजस्व डेढ़ गुना बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनता को समर्पित की गई नई औद्योगिक नीति वर्ष 2019-2024 से सर्वाधिक निवेश प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में आएगा। विकासखण्ड स्तर पर उद्योग स्थापना, कृषि और वन उत्पादों का प्रसंस्करण वाले उद्योगों को प्राथमिकता, तकनीकी और प्रदूषण मुक्त उद्योगों को प्राथमिकता इस नीति में दी गई है। सेवा क्षेत्र को भी प्राथमिकता में शामिल किया गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि छत्तीसगढ़ सभी क्षेत्रों का हब बनें। गौरा-गौरी उत्सव में जब मैं शामिल हुआ, मातर में जब मैंने नृत्य किया, आदिवासी भाईयों के साथ नृत्य में शामिल हुआ, बहनों के साथ जब सुआ नृत्य में शामिल हुआ, केवट भाईयों ने जब मुझे जाल से ढांपा तो उन्हें लगा कि हमारा छत्तीसगढ़ बना है। जब हमने उत्साह के साथ अपने परंपरागत हरेली, तीजा, पोरा, तीज-त्यौहारों को मनाना शुरू किया कि तो पूरे प्रदेश में उमंग और उत्साह का नया माहौल बना। यही उत्साह अपने छत्तीसगढ़ को अपनी मंजिल तक पहुंचाएगा। 
    मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव के अवसर पर अमर शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर, शहीद गेंदसिंह का स्मरण किया। 
    संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नव निर्माण के नूतन संकल्प को पूरा करने के लिए ज्ञान-विज्ञान के साथ पारंपरिक ज्ञान का उपयोग करने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है। राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक हस्तशिल्प, पर्यटन वैभव और गौरवशाली संस्कृति और समृद्धि की झलक देखने को मिलेगी।

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